क्षेत्र निर्माण में भाषा की भूमिका: तमिल भाषा के संदर्भ में

भारतीय उपउपमहाद्वीप के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में भाषाई क्षेत्रवाद केवल प्रशासनिक सीमाओं का रेखांकन नहीं रहा है, बल्कि यह एक गहरी, जटिल और बहुआयामी प्रक्रिया रही है जिसमें भाषा, संस्कृति, राजनीति और सामाजिक न्याय के तार आपस में गुंथे हुए हैं। दक्षिण भारत में तमिलनाडु का गठन भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की […]

क्षेत्र निर्माण में भाषा की भूमिका: तमिल भाषा के संदर्भ में

भारतीय उपउपमहाद्वीप के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में भाषाई क्षेत्रवाद केवल प्रशासनिक सीमाओं का रेखांकन नहीं रहा है, बल्कि यह एक गहरी, जटिल और बहुआयामी प्रक्रिया रही है जिसमें भाषा, संस्कृति, राजनीति और सामाजिक न्याय के तार आपस में गुंथे हुए हैं। दक्षिण भारत में तमिलनाडु का गठन भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की […]